धन्यवाद, उत्कर्ष जी ! 😊💐| यादगार यात्रा

।।धन्यवाद उत्कर्ष।।  "सर, मेरे यहाँ कार्यक्रम है और आपको आना ही है मेरा गाँव आपके गाँव से अधिक दूर नही है।  मिलना चाहता हूँ आपसे।  मैं आपको कार्ड भी देने आऊंगा।" यह स्नेह भरी जिद थी उत्कर्ष की।। 😊😊 अभी ग्यारहवीं में हैं।लेकिन साहित्य विधा में बहुत र…

कविता क्या है ? What is Poem? आप भी बताइए

कविता विचार करिए आप कहीं जा रहे हैं.. छोड़िये..ऐसा विचार करिये कि आप बालकनी में बैठे हैं।।ठंड है ,कोहरा है।। सूरज उग रहा है। पंछी चहक रहे हैं।  ये देखकर कैसा लगा।। ये दृश्य यदि कोई कवि हृदय या कल्पनाशील हृदय देखता तो भावों को भीतर भीतर शब्दों में गढ़ने लगता और उसकी क…

 अमित शर्मा जी का स्नेह हमेशा याद रहेगा।।

'जन्मोत्सव' यह उत्सव 1990 वाले दशक के अधिकतर बच्चे केवल जन्माष्टमी ही जानते हैं। क्योंकि उनका जन्मदिन मनाया कहाँ जाता है।विशेषकर गाँव में। कब आकर निकल गया कुछ पता नही।। आज तो लगभग हर किसी का जन्म दिन मनाया ही जाता है।घर न सही..दोस्तों के साथ ही।। मैं इस प्रथ…

 जब निराला ने कहा- "जी कहिए, मैं ही हूँ निराला " | Inspirational Life Story of Mahakavi Nirala |

आज महाप्राण के जन्म दिवस पर विशेष निराला उनका मात्र कलम परिचय नही था बल्कि यह उनका जीवन परिचय भी था।। अपने हृदय की विशालता के कारण ही महाप्राण कह जाने वाले महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'जी का आज जन्म दिवस है।  उनकी स्मृति में कभी स्कूल समय में सुनी महाप्राण…

पास- फेल से ऊपर परीक्षा का उद्देश्य |How to Overcome Exam Fear in Students :never miss exams

..परीक्षा देने के फायदे .. मेरी स्कूल में एक गीत होता था..उसकी कुछ पंक्तियाँ थी.. 'गिर कर उठना ,उठ कर चलना  यह क्रम है संसार का  कर्मवीर को फर्क न पड़ता  किसी जीत या हार का..' यह गीत सप्ताह में एक बार जरुर होता था.. और आज की चर्चा इस पंक्ति से इसलिए प्रारंभ की..…