हिम्मत भरा साल | New Year Poem 2022 | Kavi Sandeep Dwivedi

उम्मीदों भरी आंच से सेन्को नया साल।  नयी नज़रों नये अंदाज़ से देखो नया साल।  भुलाओ क्या बुरा हुआ क्या खोया तुमने हुआ जो हुआ इसको बनाओ हिम्मत भरा साल।  खोया तो है दोस्त तुमने भी और हमने भी रोया भी है खूब तुमने भी और हमने भी।  लेकिन नये सवेरों को सजा न दो भला इनका क्या द…

Kyon Vachan Bhishm Ne Na Tode ? : poem on bhishm : Kavi Sandeep Dwivedi

जब कथा करवटें लेती हो संदेश युद्ध का देती हो अंधियारी जब भीतर की हर उजियारा हर लेती हो ऐसे में दीपक रखने वाले क्यों अपने व्रत से ना डोले परिवार ने तोड़ी सीमाएं क्यों वचन भीष्म ने न तोड़े।  धर्म की रक्षा करने वाला अधर्म देख क्या सकता था?  अजर सिंह के सम्मुख कोई  इस तर…

तीसरा संदेश : किस ताकत का सम्मान ?: दीपक के पाँच संदेश : Celebrate Diwali with Kavi Sandeep Dwivedi

3. दीपक का तीसरा संदेश  एक दिन तूफान से दिये का इतना सम्मान देखा न गया। उसने कहा ये एक छोटा सा दिया और ये रुतबा।। अब मैं दिखाता हूँ रुतबा क्या होता है। वो अपनी पूरी क्षमता से दिये पर बरस पड़ा।। दिये को बुझते एक पल न लगे।। फिर तो तूफान ने जैसे जग जीत लिया हो।। वो और त…

दूसरा संदेश: Lamp and Knowledge :दीपक के पाँच संदेश : sandeep dwivedi

2 दीपक का दूसरा संदेश-  तो दूसरे संदेश के लिए आपको एक घटना  सुनाना चाहूँगा।।  जो हम सभी ने कभी न कभी अनुभव की होगी  एक बार रात में मेरी नींद खुली.. बड़ी अजीब सी आवाज़ सुनाई दे रही थी.. और साथ ही ऐसा लग रहा था कि कोई खड़ा भी है वहां।।.. बाल मन था..  दादी से किस्से भी…

दीपक(Lamp) का पहला संदेश : Share what good in You :diwali special :Kavi Sandeep Dwivedi

1 दीपक का पहला संदेश (lamp's first message) एक बार दिये की लौ और जंगल में लगी आग की अचानक मुलाक़ात हो गयी। उस आग ने लौ पर हँसते हुए कहा- देखो,तुम मेरी ही बहन हो...लेकिन मुझे देखो... लोग मुझसे कितना डरते हैं..वो कहीं पास भी नही फटक सकते और तुम? तब दिये की लौ …