तुम्हें नही याद रहेंगे मेरे चुंबन.. Poem on Father by Kavi Sandeep Dwivedi

यह कविता एक पिता के मनोभाव को दर्शाती है.... यह मनोभाव तब का होता है जब हम पिता को एक बहुत कठोर चरित्र में देख रहे होते हैं... क्योंकि हमने दुलारते सिर्फ माँ को देखा  होता है.. और हम उनसे दूरी ही महसूस करते हैं।। और एक पिता की ये विवशता कि वो  कह नहीं पाता अपना प्य…

जब कोई गिरकर दोबारा उठता है न.. बहुत मजबूत होता है.. Poem by Kavi Sandeep Dwivedi

ज ब कोई गिरकर दोबारा उठता है न.. बहुत मजबूत होता है.. बहुत।।  ये जो हारने से आंसू बह रहे हैं न ये बहते हुए आंसू ये कहते हुए बहते हैं कि ये जब थमेंगे ये दोबारा नहीं आएंगे क्योंकि ये पैदा करेंगे हिम्मत ये भरेंगे हौसला आगे बढ़ने का, लड़ने का उठने का, जूझने का क्योंकि ये आंस…