Ohh..!! Kis Itihas Se Hun..Aur Aaj Main Kya Ho Gaya Hun..|| Kavi Sandeep Dwivedi #RIPpriyankareddy


भारत मेरे!! मैं पुरुष खाली नाम का रह गया हूँ..

मैं वही हूँ न
जिसने दुश्मन की बेटी को
उसके घर पहुँचा दिया था..
वही हूँ न मैं,
जिसने एक नर्तकी को
माँ कहके हैरान किया था..
ओह्ह..!! किस इतिहास से हूँ
और आज मैं क्या हो गया हूँ..
भारत मेरे!! मैं पुरुष खाली नाम का रह गया हूँ..

उसने मुझे भाई कहा
उसने मुझे बेटा कहा
एक दरिंदे से उस नोच डाला,
और मैं सोता रहा..
द्रौपदी है चीखती,
मैं कृष्ण कैसा हो गया हूँ..
भारत मेरे!! मैं पुरुष खाली नाम का रह गया हूँ..

हम उसी संस्कृति से हैं न
जिसने उसे देवी कहा
ये वही वाली भूमि है?
जिसमे किसी ने गीता कहा
मैं राम था..पूजा गया
पर आज मैं का हो गया हूँ..
भारत मेरे मैं पुरुष खाली नाम का रह गया हूँ..

You Need to Brave yourself...
Sorry Priyanka, Nirbhaya, Damini..

kavi sandeep dwivedi poems

Comments