व्यस्त हैं हम..!!पक्का ? |😊|Heavy बात | Distance B/w Busy and Goal | Kavi Sandeep Dwivedi

एक मित्र को मैंने कहा -भाई क्या कर रहे।।कल आये नही
उसने ऐसे कहा- अरे क्या कहूँ भाई बहुत व्यस्त रहा।। मैंने पूछा - कहां 
उसने कहा - इंतज़ार में? 
मैंने कहा- किसके
उसने कहा - जो व्यस्त है। 
...ये तो एक बात थी 😄😄

आपने भी कहा ही होगा कभी ...व्यस्त हैं आप।। 😄
थे क्या सच में..? 😄
कहां व्यस्त थे। 
मोबाइल में? जैसे मैं अभी? 😄😄😄

दरअसल ये बस आपकी मेरी बात नही बल्कि हम सबकी है। 
ये बिल्कुल सच है कि जितनी बार हम स्वयं को व्यस्त करार देते हैं। वाकई में हम होते हैं। पर अधिकतर l वहां नही जहां होना चाहिए। 
समझना ये जरूरी है कि हम कहां व्यस्त हैं
यदि हम खुद को वहां व्यस्त कह रहे हैं जहाँ हम बस अपने समय के अलावा और कुछ नही ले- दे रहे हैं जो अपने पास सीमित है। 
तो शायद हमने खुद को रोक रखा है। 
क्योंकि समय को हम तय नही करते वो एक ऐसा बड़ा रास्ता है जिसे आपके मरम्मत की कोई जरूरत नही। आपके इंजीनियर होने न होने से उसे कोई खास फर्क नही पड़ता। ये आपकी मरम्मत के लिए है।। हम सीमित भाग तक के लिए उस सड़क पर उतरे हुए लोग हैं। इसलिए अपेक्षा यह की जाती हैं कि इस सीमित समय में जितनी दूरी तक आपकी मिल्कियत रहे वो बहुत खूबसूरत हो। अपने स्तर में असीमित हो। 
   
 ..और ये तब होगा जब हम अपनी व्यस्तता और अपना ध्येय के बीच दूरी समझेंगे। उसे कम करने का प्रयास करेंगे। हम वहीं व्यस्त रहें जहां से हमें वो मिलता हो जो हमारा ध्येय हो। 👇😊
ध्येय कैसा हो ये आप और हम पर निर्भर करता है।चुनाव हमारा होता है । 
एक Line है न किसी की- 
कुछ ऐसा किरदार निभा कि
परदा गिर जाय पर तालियां बजती रहें।। 
जी। बस यही बात। 
 कुल मिलाकर ये कि उसी पेड़ पर बैठें जिसका फल खाना हो। 😊
 चलिए बहुत ज्ञान हुआ ये तो हम सबको पता है।।। 😄😄
 बहुत धन्यवाद। 💫
|Share....और कुछ कहना है तो वो भी।। |😊💕

Comments

  1. "प्यार के लम्हों को यादों में ही सजोए रखना
    जो ना मिला उसे खुआबो में ही सजोए रखना।
    नहीं हो पाते अधिकतर प्यार यहां पूरे क्योकि जीवन को रिस्तो की डोर संभाले रखना।।"

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  2. सुबह के नौ बज के बीस मिनट के करीब हो रहे थे मै अख़बार पढ़ के शांति से बैठा हुआ था, तभी संयोगवश मेरा नजर फोन पे पड़ा फोन खोलते ही मै whatsaap खोला और देखिये ना बड़े सौभाग्य की बात है status वाले विकल्प मे, मै की मेरे फोन आप का नंबर संदीप भईया रीवा मध्य प्रदेश के नाम से सेव है जिसमे का whatsaap status लगा हुआ था मै उसको tap किया खुला कुछ देर पढ़ा तो कुछ रास सा ना आया परन्तु मै पढता चला गया कुछ देर पढ़ने के बाद मुझे मै ऊर्जावान सा हो गया जैसे मानिये आज का दिन बन गया हो बेहद अच्छा लगा और सबसे रोचक बात की यहां मै ये सीखा की जिंदगी मे ना हमें किसी चीज को ना जब मन छोड़ने को कहे तो उसे छोड़ना नहीं चाहिए बहुत बहुत धन्यवाद भईया इस लेखनी के और वैसे भी आप को तो पता है ना मै अभिषेक जी और आप लोगो के मध्य ही थोड़ा बहुत सीखता हूं और सीखता रहूँगा... वो कहते ना जरुरी नहीं हर पत्थरो से फल टूटे ही, कुछ पत्थरे ना कोशिशो के लिए भी उछाले जाते है..
    आप का अनुज : raj shukla
    प्रणाम 🙏

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    1. Waaahh. ।Bahut bahut swagat rajj Ji. ।bahut achi line apne quote ki.।
      Bahut Inspiring.
      Thank you.
      Aur शुभकामनाएं आपको। Ye to apka prem hai Raj Ji.। Aise hi muskurate rhein.। Khub khush rhein.।

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  3. लाज़वाब... आपके शब्दो का संग्रहण हमेशा शानदार होता है | 👌👌😍

    2 lines हमारी कलम से😄..
    वक्त होने पर भी, वक्त नहीं
    कहने वाले बहुत मिले..😔
    तलाश उसकी है जो वक्त ना होने पर भी हमारे लिए वक्त निकाले..😇

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका। ।

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