हे राम ! आपका स्वागत है ....poem by kavi sandeep dwivedi

हमारी संस्कृति के गौरव चिन्ह भगवान् श्री राम की जन्मभूमि वर्षों बाद अपनी भव्यता के साथ उनकी प्रजा को दर्शन देने जा रही है ..

5 अगस्त हम सबके लिए एक ऐतिहासिक क्षण है ...सदियों का स्वप्न है...

यह उत्सव पूरे विश्व में सनातनी परम्परा का हस्ताक्षर होगा …

अभी मात्र रामलला के भवन के लिए भूमिपूजन की भव्यता एक इतिहास रचने जा रही है तो उनके राजमहल की शोभा क्या होगी …अंदाजा लगाया जा सकता है…

प्रभु श्री राम ने विभिन्न परिस्थितियों में जिस तरह अपने जीवन में विजय पाई ... यदि वे  अवतार न भी होते तो भी उनकी कीर्ति इसी तरह शोभायमान होती ..

उनके त्याग उनके समर्पण उनके निर्णय मानव जाति के प्रेरणा स्त्रोत हैं …और यह भवन…. चिन्ह होगा इन्ही गुणों के सम्मान का..

ली थी एक परीक्षा तुमने 

कोशिश की थी लेकिन हमने 

ये भेंट देर से कर पाया 

हे राम !आपका स्वागत है 
 आज ह्रदय जीवन पाया 
हे राम आपका स्वागत है ...


यह उत्सव राम लला का है 
कुछ् और ललक अब क्या होगी
जो धरा छुई हो राम चरण 
वो स्वर्ग नही तो क्या होगी 
धरती पर स्वर्ग उमड़ आया 
हे राम आपका स्वागत है ... 


क्या नही आप कर सकते थे 
क्या नही आप रच सकते थे 
जिस नाम से पत्थर तैर गये 
वो महल नही गढ़ सकते थे ?
हम धन्य हुए अवसर पाया 
हे राम आपका स्वागत है 

   यह भेंट देर से कर पाया ....हे राम आपका स्वागत है 

!! जय श्री राम !!

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प्रजा ऐसी राम की थी ..MOTIVATIONAL



Yadi Ram Sa Sangharsh ho ....


Comments

  1. Shaandar kavi Sandeep bhai
    Aapki kavitaen kabil e tareef h

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