पुस्तक भेंट श्रृंखला
स्वागत आपका..आभार आपका 

नमस्कार ,
स्वागत है आपका..
अगस्त '20 से छोटी सी एक शुरुआत की थी... महीने में एक या दो मित्रों को,कोई भी प्रेरक पुस्तक जो प्रेरणा दे और सच कहता हूँ बड़ा सुकून है ..अच्छा लगता है ... और जिन दोस्तों तक यह प्रेम पहुँच सका उन्हें यहाँ संकलित कर रहा हूँ ..यह यात्रा जीवन भर रख सकूं यही इच्छा है..
आप सभी के भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं...
आभार आप सबका आपके प्रेम के लिए, आपके स्नेह के लिए।। 
#bookgift #something_for_inner_happiness
           उन्तीसवीं भेंट- भीमसेन उज्जवल जी
                 गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

         अट्ठाईसवीं भेंट- सुश्री दीप्ति वैदेही
                    झाँसी, उत्तरप्रदेश

     सत्ताईसवीं भेंट -श्री आशीष तिवारी 'निर्मल' जी
                         रीवा, मध्यप्रदेश

                 छब्बीसवीं भेंट-निधि गुप्ता जी
                      ग्वालियर, मध्यप्रदेश

            पचीसवीं भेंट- राजा शुक्ल जी
                  बनारस,उत्तरप्रदेश

              चौबीसवीं भेंट - पूजा सोनी जी
                   शाजापुर, मध्यप्रदेश

               तेईसवीं भेंट- सुमन रतनु जी
                    जयपुर, राजस्थान

                 बाईसवीं भेंट -धर्मेंद्र गिरि जी
                     लखनऊ, उत्तरप्रदेश

                 इक्कीसवीं भेंट -रघुवेंद्र शुक्ल जी
                           नागपुर, महाराष्ट्र


बीसवीं भेंट- श्री वरुणेंद्र तिवारी जी
रीवा, मध्यप्रदेश


उन्नीसवीं भेंट- नम्रता जी, सागर मध्यप्रदेश
मार्च- 2021


अठारहवीं भेंट- श्री दीपक मिश्रा जी, रीवा मध्यप्रदेश
मार्च 2021


मेरी सत्रहवीं भेंट- अनुष्का शर्मा जी, अजीतगढ़,राजस्थान
मार्च 2021


श्री उत्कर्ष तिवारी जी, प्रयागराज उत्तर प्रदेश
फरवरी 2021



मेरी पंद्रहवीं भेंट- जयन उपाध्याय जी, कोटा राजस्थान
पीयूष सारंग जी के पुत्र
फरवरी 2021

मेरी चौदहवीं भेंट- गौरव त्रिवेदी जी, उत्तर प्रदेश
चित्र में गौरव त्रिवेदी के पिता जी 
फरवरी 2021

मेरी तेरहवीं भेंट - प्रभात गुप्ता जी, जम्मू
फरवरी 2021 


श्री शिवानंद द्विवेदी जी, मध्यप्रदेश
जनवरी 2021


मेरी ग्यारहवीं भेंट - कृष्णा सिंह परिहार जी,मध्य प्रदेश
जनवरी 2021



मेरी दशम भेंट- कुमार गौरव जी ,बिहार 
जनवरी 2021



मेरी नौवीं भेंट - पूजा मीना जी (पुलकी),राजस्थान 
जनवरी 2021

मेरी आठवीं भेंट- सूरज दीक्षित जी ,मध्य प्रदेश 
जनवरी 2021



मेरी सातवीं भेंट - कविता दुबे जी ,उत्तर प्रदेश
दिसंबर 2021 


मेरी छठवीं भेंट - हिमांशु तिवारी जी, मध्य प्रदेश 
दिसंबर 2020

श्री अभिषेक शुक्ल जी ,उत्तर प्रदेश 
नवंबर 2020


मेरी चतुर्थ भेंट- पूजा रावत जी ,उत्तराखंड
       अक्टूबर 2020 


मेरी तृतीय भेंट - पंकज कुमार जांगिड जी ,उत्तर प्रदेश
सितंबर 2020


मेरी द्वितीय भेंट- पियूष सुंदरियाल जी ,उत्तराखंड
सितंबर 2020 


मेरी प्रथम भेंट- रवि कुमार जी ,बिहार
अगस्त 2020

। दो शब्द। 
यदि समय हो तो एक बार वेबसाइट में घूम भी लें।। 
कुछ अच्छा पढ़ने-सुनने को मिले तो share भी करते रहें।।प्रतिक्रिया भी दें। 
❤😊💐🙏
धन्यवाद

13 Comments

  1. मैं अभिषेक गौतम ग्वालियर जिले के चीनौर तहसील का निवासी हूं..

    माननीय जी इस व्यस्त जीवन में जब भी समय निकालकर यू ट्यूब के माध्यम से आपकी कविताओं तथा रचनाओं से अवगत होता रहता हूं तो अंतर्मन में नई उर्जा का संचार होता है

    ईश्वर से यही कामना है कि यह सिलसिला चलता रहे
    📱9827256464

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  2. मैं अमित यादव , इत्र और इतिहास की नगरी कन्नौज से -

    महोदय मैं आपका बहुत बड़ा प्रसंसक हूँ , आपकी रचनायें मन मे नई उमंग और ताजगी को जन्म देती हैं ।
    आशा और विश्वास है कि आपका यह कार्यक्रम नित जीवन पर्यंत चलता रहे ।

    सादर प्रणाम 🙏🏻
    मो• 7355598683

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  3. महोदय
    मुझे पुस्तक पढ़ने का अत्यन्त शौक है आशा है कि आपकी इस श्रंखला का मे भी भागी बनूगा
    7470720023

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  4. मै कुणाल चौरसिया
    मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नगर सिरोंज(विदिशा जिला) से हूँ

    मैं वर्तमान में BA अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र हूं एवं सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा हूँ
    लगभग एक वर्ष पहले यूट्यूब पर मैंने आपकी पहली कविता देखी उसके बाद से अब तक मैं आपसे जुड़ा हुआ हूं और लगभग मैंने आपकी सारी वीडियोस देखीं हैं एवं पिछले ही महीने आपके instagram पेज से भी जुड़ा हूँ आपकी कविताओं से मुझे प्रेरणा एवं निरंतर चलते रहने की ऊर्जा भी मिलती है आशा है आपका मार्गदर्शन यूँ ही मिलता रहे
    एक बात तो मैं आपको बताना भूल ही गया कि मुझे कविताएं लिखने का भी शौक है मेरा इंस्टाग्राम पर पेज @writersaheb1 के नाम से संचालित है

    आपका
    कुणाल चौरसिया
    Whatsapp num 9111253425

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  5. मैं सौरभ मौर्य,
    इतिहास और राजनीति के केंद्र उत्तर प्रदेश से।
    मैं आपकी कविताओं का स्थायी श्रोता हू। आपकी कविताओं में एक अविस्मरणीय रस की प्राप्ति होती है।
    मो. 9918810054

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  6. मै संतोष कुमार गोपालगंज बिहार से ,
    मै अकेले रह कर competetive एग्जाम तैयारी करता हूं । जब कभी भी मै अकेलेपन से परेशान हो जाता हूं या फेल होने से डर लगने लगता है हो तो मै एक बार आपका वीडियो देख कर पुनः नई ऊर्जा के साथ तयारी में लग जाता हूं । आपका वीडियो देखना अब तो रोजना का एक दिनचर्या बना चुका है ।
    मै बहुत दिनों से डार्क हॉर्स पढ़ने की इच्छा रखा हूं पर कभी ऐसी परिस्थिति ऐसी बनी नहीं की बुक ऑर्डर कर पाऊ ।
    मै आपसे आग्रह करता हूं कि इस ऎतीहसिक श्रंखला में मुझे भी जुड़ने का मौका दे । इसके लिए मै आपका सदा आभारी रहूंगा ।
    आपके इस छोटे भाई के तरफ से एक छोटा सा सुझाव था जो इस महान् कार्य को बहुत लोगों तक पहुंचेगा।
    महोदय मेरा कहना था कि जो बुक आपने किसी को भेजी है वो उसे पढ़ने के बाद अगले किसी पढ़ने वालों को आपके माध्यम से या अपने माध्यम से पहुंचाए और ऐसे हि ये पढ़ के आगे बढ़ने का काम जारी रहे।
    Mob no 7320047926

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  7. दिनेश पटेल (@संस्कृत_प्रेमी_झंवर)February 04, 2022

    मेरा नाम दिनेश पटेल हैं । मैं राजस्थान के जोधपुर जिले के झंवर ग्राम का निवासी हूँ ।
    आपकी रचनाएं जीवन में आत्मविश्वास , स्वाभिमान में वृद्धि करती हैं ।
    आप काव्य के माध्यम से हमे प्रोत्साहित करते है , हमे आत्मविश्वासी बनाते हैं ।
    भारतीय संस्कृति और संस्कार व राष्ट्रीय प्रेम भी आपकी कविताओं में खूब मिलता हैं ।
    आप वास्तव में राष्ट्र के कवि हैं । आपकी रचनाएं जीवन को सबल बनाती हैं , हारते हुए व्यक्ति को भी जीत की आशा दिलाती हैं आपकी कविताए ।

    मैं आपके साहित्य में रुचि रखता हूँ यदि आप मुझे पात्र माने तो मुझे किसी प्रेरक और आत्मविश्वास में वृद्धि करने किसी पुस्तक को प्रेषित करवाएंगे तो आपकी रचनाओं को मैं आसानी से पढ़ पाऊंगा ।
    जय हिंद
    जय साहित्य
    जय श्री राम
    वन्देमातरम

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  8. दिनेश पटेल (@संस्कृत_प्रेमी_झंवर)February 04, 2022

    पुस्तक भेंट श्रृंखला।। Book Gift ":

    मेरा नाम दिनेश पटेल हैं । मैं राजस्थान के जोधपुर जिले के झंवर ग्राम का निवासी हूँ । मैं अभी स्नातक प्रथम वर्ष में अध्ययनरत हूँ ।
    आपकी रचनाएं जीवन में आत्मविश्वास , स्वाभिमान में वृद्धि करती हैं ।
    आप काव्य के माध्यम से हमे प्रोत्साहित करते है , हमे आत्मविश्वासी बनाते हैं ।
    भारतीय संस्कृति और संस्कार व राष्ट्रीय प्रेम भी आपकी कविताओं में खूब मिलता हैं ।
    आप वास्तव में राष्ट्र के कवि हैं । आपकी रचनाएं जीवन को सबल बनाती हैं , हारते हुए व्यक्ति को भी जीत की आशा दिलाती हैं आपकी कविताए ।

    मैं आपके साहित्य में रुचि रखता हूँ यदि आप मुझे पात्र माने तो मुझे किसी प्रेरक और आत्मविश्वास में वृद्धि करने किसी पुस्तक को प्रेषित करवाएंगे तो आपकी रचनाओं को मैं आसानी से पढ़ पाऊंगा ।
    जय हिंद
    जय साहित्य
    जय श्री राम
    वन्देमातरम
    व्हाट्सएप नम्बर 7378095124

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  9. संदीप जी नमस्कार।
    रश्मिरथी से शुरूआत हुई,और फिर कविता पाठ सुनना और पढ़ना शौक बन गया ।आपका कविता पाठ करने का अंदाज बेहतरीन है।आपका पुस्तक भेंट करने का विचार भी शानदार है।मै भी हिन्दी काव्य पढ़ना चाहता हूँ।
    राहुल नाग,जालौर (राजस्थान)
    8947842575

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  10. मैं भूपेश कुमार भुसावर भरतपुर राजस्थान के छोटे से गांव से हूं

    महोदय मैं आपका बहुत बड़ा प्रसंसक हूँ , आपकी रचनायें मन मे नई उमंग और ताजगी को जन्म देती हैं । मैने आपकी पुस्तक पढ़ी है। और आपकी सभी कविताएं भी जो मुझे हर पल प्रेरित करती हैं जीवन में अच्छा करने के लिए । आपके शब्दों से एक अलग ही जुड़ाव सा हो गया है । आप ऐसे ही अच्छा लिखते रहे और हमें ऐसे ही प्रेरित करते रहे ।और अपना आशीर्वाद बनाए रखें । आशा और विश्वास है कि आपका यह कार्यक्रम नित जीवन पर्यंत चलता रहे ।
    8107766103

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  11. सबसे पहले मैं आपके पाव छूकर आपको प्रणाम करना चाहूंगी ।मेरा नाम वैष्णवी है,मैं १२ कक्षा की छात्रा हूं।मैं बिहार के चंपा सहर चंपारण की निवासी हूं।कविता लिखने और पढ़ने का शौक बचपन से है लेकिन आपकी कविताओं का असर बहुत गहरा होता है।अनगिनत बार जब मैं उदास रहती तो आपकी कविताओं ने प्रेरित किया है।मैं भी आपकी तरह कविता लिखना और पढ़ना चाहती हू और नई पीढ़ियों में एक अनोखा बदलाव लाना चाहती हू।किताब पढ़ने का शौक के कारण मैंने कई दिग्गज कवियों की कविताओं को मांगकर पढ़ा है।मैं आपकी इस शृंखला में शामिल होना चाहती हू।आपकी यूटबु वीडियो "रो लिए न अब चलो" से प्रेरित होकर एक कविता लिखी है उसे मैं आपको भेंट करना चाहूंगी।
    अब तो रो लिए न
    अब चलना तुम
    कुछ यूंही सोक मनाएंगे
    कुछ सागर भी लांघ जायेंगे
    उम्मीदे थोड़ी तो बची होंगी
    ये खुद से ही लड़ी होंगी
    ये गिरना भी जरूरी है
    ये आंसु भी जरूरी है
    पर अब कैसी मजबूरी है
    अब तो रो लिए न
    अब चलना तुम
    मंजिल तेरी आसान नहीं
    रोना गिरना तो रहता है
    पर बैठ के सोक मनाए जो
    उनसे नही दुनिया चलता है
    ये ठोकड़े भी कुछ सिखाती है
    भीतर से कठोर बनाती है
    अबकी बार न मुकरना तुम
    अब तो रो लिए न
    अब चलना तुम।
    फोन no.-7808302748








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  12. Good reading this ppost

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