Hello📞..💕|| Love Story ?.... हां..Love Story ही समझिये।।


देहात से पहली बार निकल कर शहर पढ़ने गया था देहात में रहने का कोई अनुभव यहाँ काम नही आता था। सुन रखा था इंजीनियरिंग में रैंगिंग बहुत होती है। कॉलर की बटन बन्द हो, नज़रे झुकी हो मतलब ये दो चार नुस्खे आपने अपनाये  हों तो बचने के आसार हैं।

 तो...बस सारी नसीहतों को ध्यान रखते हुए कॉलेज  कैम्पस के भीतर मेन गेट से कॉलेज तक की यात्रा शुरू की।
 बड़ा सपना साकार हो रहा था अलग ही रोमांच था। इंजीनियरिंग का भी और गाँव से शहर आने का।
कहानी यहीं से शुरू होती है 
हैलो 🙋!!! थोड़ी तेज आवाज़ में मुझे सुनायी दिया।
किसी चलती हुयी साइकल की आवाज़ के साथ मिला हुआ ।।

ये हैलो! पहली बार वाला तो नही रहा होगा। ये दूसरा या तीसरा रहा होगा। मैंने सुना नही होगा तब इसकी जरूरत पड़ी होगी। 
 मैंने पीछे मुड़ के देखा।
ओह्ह।। गाँव में तो लड़कियां देखे भी न..
और यहाँ... हेलो
      अब रुकिए थोड़ा सा..जहाँ पर मैंने उसे मुड़ कर देखा थोडा पॉज देते हैं उस सीन को ...💖
बड़ी खूबसूरत सी लड़की। अपने बैग को साइकल में आगे टाँगे हुए। गले और चेहरे पर हल्का पसीना गर्मी और साइकल चलाने की थकन बता रही थी। हाथ में सिल्वर कलर घडी।बालों को पीछे समेट कर पकडे रखने की सारी जिम्मेदारी एक रबड़ और दो क्लिप पर थी । गोल गले की क्रीम कलर की कुर्ती और लाइट येलो दुपट्टा। मतलब समझ गये न एक दम बढ़िया।💖 
यही बताने के लिए ये सीन पॉज किया था ..सेकंडों के लिए था

..आगे चलते हैं 
दिल ने जब तारीफ़ें कर ली इसके बाद उसका Hello सुनायी दिया जैसे हिन्दी फिल्मों के सीन में होता है। 😊
हां।... - थोड़ा घबरा कर बोला। 
मैं रुका...वो मेरे पास तक आयी और फिर साथ चल दी।
घबराया था कि कहीं सीनियर तो नही 
Good Morning!! - उसने कहा
हंगोवर में आवाज़ जितनी भी निकली मैंने भी Good Morning कहा। 
New admission? -चलते हुए ही उसने पूछा
जी।- घबराया हुआ मैंने कहा
मैं भी। - मुस्कुराते हुए उसने कहा
ओफ़...जान में जान आयी। 
कहाँ से हो- उसने पूछा
       - मैंने बताया
जी और आप ? -मैंने भी पूछा
ये 'आप' कौन..?
अरे, सीधा 'तुम' बोलो न
इतना सम्मान पचता न हमसे ..
ह ह ह- हम दोनो हँसे।
how you feeling?
जी?
मतलब कैसा लग रहा ? कॉलेज का पहला दिन है न
मस्त -मैंने हँसते हुए कहा
hmm
यहाँ रेंट में ?
अभी तो नही लेकिन रेंट में ही लेना पड़ेगा..
अच्छा है बहुत मिल जायेंगे
बस ऐसे ही कुछ मुझसे उसने पूछा कुछ मैंने उससे
बस एक बात छोडकर..

हम कॉलेज पहुंचे..उसने अपनी साइकल खड़ी की .
अच्छा थैंक यू...
जी
आप भी क्लास ही चलेंगी न ?
हां..पर अभी मुझे सिस्टर का वेट करना पड़ेगा।
क्यों, वो भी यहीं पढेंगी ?
अरे ,वो ही पढ़ेगी मैं बस फर्स्ट डे उसके साथ आयी हूं..
 अरे सॉरी हां।..बस यूं ही कह दिया था कि मेरा admission था वो सिस्टर के लिए ही बोला था। रुचि नाम है उसका। 
कुछ प्रोसेस रह गयी है एडमिशन की ..सो आज आ गयी साथ में।
ओह्ह्ह...okk
ठीक है फिर... चलता हूँ ...
बड़ा अच्छा लगा था...😔
खैर..ढूढ़कर क्लास पहुँच गया और एक जगह चुन ली
खिड़की तरफ..
..जहाँ से मैन गेट तक दिखाई देता था।कोई आया नही था अभी तक क्लास में...खाली थी।
मैं बस कभी क्लास कभी बाहर देख रहा था।
...और फिर वो अपनी सिस्टर के साथ क्लास तक उसे छोड़ने आयी.....
क्लास के बाहर से उसकी नजर मुझ पर पड़ी ..दोनों के बीच हलकी सी स्माइल हुयी और बस... वो चली गयी
पता नहीं क्यों  .. .पर लग रहा था कि क्लास में होती तो अच्छा लगता😌
क्या उसके भी मन में वैसा ही लग रहा होगा  जैसे मेरे मन में लग रहा था 💖?....नहीं , खामखा फ़िल्मी हो रहा हूँ...
.....बस यही चल रहा था मेरे अंदर।💕😌

 थोड़ा यहाँ भी एक पॉज देते हैं इस सीन को..
बताना चाहूंगा ....मैं खिड़की के पास बैठा उसे कॉलेज से बाहर जाते हुए देख रहा था.. मेरी आँखें न झपकी जब तक वो दिखती रही..पक्का ये बिलकुल फर्स्ट टाइम फील था।💖
बड़े लम्बे समय तक उसकी मेरे दिल में सल्तनत कायम रही पर कॉलेज की डिग्री और फिर उसके बाहर के कई सालों ने इसे कायम न रहने दिया।
मिनट भर की और वो भी एक तरफ़ा मोहब्बत सालों रह भी कहां पाती।

okk  अब प्ले करते हैं सीन..
रात गयी बात गयी...वो मिनट भर की कहानी ख़तम..
इधर कॉलेज में मेरे शौक को उड़ान भरने का खूब मौका मिला💪
 मेरी कविताएं लिखने के शौक ने मुझे कॉलेज में अलग पहचान दी.. पहले कॉलेज में दोस्तों के दिलों के करीब लगी और फिर बाहर भी ये कारवां नहीं थमा..मुझे इसी में ख़ुशी थी। सोच लिया था कुछ पैसे हो जाय फिर तो यही करूंगा बस।

.....लेे चलते हैं अब वहां, जहाँ ये कहानी खत्म हो गयी थी ..तब सोशल साइट्स का कोई इतना क्रेज नहीं था। ..
शायद इसीलिए खत्म हो गयी थी.,.
अब दस साल बाद
फेसबुक इंस्टा का बढ़िया दौर आ गया.. पूरी दुनिया सिमट गयी
 अब तक मेरी शादी भी हो गयी। ..थोड़ा बहुत ऐसा कुछ कर पाया कि लोगों का प्यार मिलता रहा . .
  
..अब फिर कहानी पर आगे चलते हैं
बात यह थी कि कॉलेज में मेरे साथ जो उसकी बहन थी रूचि। उसका एक दिन फेसबुक पर मैसेज आया...
उसने लिखा इसे जानते हैं आप?
एक फोटो शेयर की।
..काफी लम्बा वक्त गुजर जाने से काफी कुछ बदल गया था लेकिन फिर भी झट से पहचान गया...दिल की याददाश्त का मुकाबला कहाँ। ...
हां। - मैंने लिखा
 काफी चर्चित हैं आप हमारे घर में.. दी ने ही बताया कि वो आपसे मिली थी...आपके फर्स्ट डे इन कॉलेज में।
- रूचि ने लिखा
ओह्ह।।याद हूं उन्हें...बहुत धन्यवाद - ये लिखते हुए मेरे चेहरे पर वह मुलाकात याद करके मुस्कराहट आयी और भीतर हल्की सी झूरझुरी टाइप।😊
बात करना चाहती है,करेंगे ?
 ...जो मैं कहना चाहता था रूचि ने कह दिया।
उसे नंबर भेजा। रूचि ने कॉल किया।
फिर उसने बताया कि वो जानती है आपको तो... हमने कहा, लो बात ही करा देते हैं मेरे
तो क्लासमेट हैं। ..-हँसते हुए रूचि ने कहा।
लीजिये बात कर लीजिये कवि जी - रूचि ने ये कहकर फ़ोन उसे दे दी
फिर जब फ़ोन लेकर उसने कहा
हेलो !!!- मैं जानबूझ कर चुप रहा😊
.
.
हेलो!!
.
हेलो,आवाज़ नही आ रही क्या
......मैं थोड़ा चुप रहने के बाद
जी..आ रही है । मैंने दस साल पहले सबसे पहले आपसे यही सुना था
अच्छा ऐसा है क्या। .. आपको याद भी है ?
जी खूब अच्छे से..- मैंने कहा
 कैसे कहता भूला ही क्या है।

आपकी भी शादी हो गयी..रूचि ने बताया
मतलब, आपकी भी हो गयी  ? - मैंने पूछा
हाँ... कब की । ..चार साल हो गए
अच्छा अच्छा। .
उसने कहा काफी बाते हुयी थी है न अपनी ?
हां.... पर कुछ पूछना रह गया था
.....अरे क्या।अब पूछ लीजिए- हँस कर उसने कहा
मैं थोड़ा जानबूझकर😉 -
पूछ लूँ ?
हाँ ,पूछिए न..
-पक्का ?
उसकी आवाज़ थोड़ी धीमी हुयी
पूछिए
....मैं थोड़ा चुप रहा वो भी चुप रही
फिर मैंने कहा - अरे,आपका नाम।😍
..ओह्ह्ह्ह।उसकी लम्बी सांस सुनाई  दी
फिर जोर से हंसते मैंने पूछा
क्यों आपने क्या सोचा।
उसने थोड़ा रुक कर कहा-
नहीं ,कुछ नहीं।
उसने अपना नाम बताया। ...फिर थोड़ी बात हुयी।
आप नया नया सुनाते रहिएगा हम रेगुलर सुनने वाले हैं आपको ।
ह ह ह।
फिर...सोशल साइट्स में जुड़े रहेंगे, बाते होती रहेंगी।। इसी बात पर बात खत्म हो गयी..😌
.......बात होने के बाद काफी देर तक सोचता रहा। दिल कॉलेज कैंपस घूमता रहा उसके साथ। ...और हेलो सुनता रहा उसका, साइकल की आवाज़ से मिला हुया।😊
..........बस सीन पॉज भी यहीं और कहानी भी बस यहीं.... The  End.💕
अब इसे आप जो चाहें वो समझते रहें ।💕
.
.
.

सच है जिंदगी वक्त की मोहताज भले हो पर यादें वक्त की गुलामी नहीं करती
जब मर्जी तब आ जाये जब मर्जी चली जाए😊

  पर अब इतना यकीं तो करना बनता है कि ऐसा होता जरूर है। लोग मिलते हैं..भले ही खाली हाथ..
 समझ आया... ख्याल और हकीकत का घर इतना दूर भी नहीं होता। 
ह ह ह। ......

अच्छा Thank you ..

लेखक - संदीप द्विवेदी

.............तो ये थी कहानी "Hello "
ऐसा ही कुछ कुछ चलता रहेगा। पढ़ते रहें।

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Comments

  1. Best sir 👌👌👌👌🤗

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  2. Superb Sandeep sir....🤗😄🎤

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  3. Sir i am big fan of you.
    You are great just like your poetry.
    Nyc story sir...
    🙏🙏🙏🙏🙏

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  4. Sir Aapka ye kahani sunke Mai itna romanchit ho gya aisa laga Jaise har sec meri hi kahani aap suna rhe h🙏

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  5. Sach mai sir abb to lagta hai apna haal bhi apke jaisa hone wala kyunki College khatam hone wala hai aur use bhi ab chale jana hai .....

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  6. Pr lg rha tha ki class me hoti to accha lgta 🤭
    My favourite line-
    Sach hai jindgi vakt ki mohtaj bhale ho pr yade vakt ki gulami nhi krte 😊
    Mast love story 🙂

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  7. Ha ha ha.. कौन सुनेगा किसको सुनाये. इसी लिए चुप रहते है...

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  8. दिलों के अहसासों को शब्दों की भाव भंगिमा में अभूतपूर्व रूप से पिरोने के लिए संदीप जी आपको साधुवाद

    आपका
    लेखक अग्रवाल
    सुपुत्र समाजसेवी ललित कुमार जी अग्रवाल

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    Replies
    1. bahut bahut swagat lalit kumar jii..
      bahut dhanyawad apka ...

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    2. संदीप जी आपसे व्यक्तिगत सम्पर्क करने का माध्यम क्या है??

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  9. अध्भुत है गुरुजी आप... आपसे बहुत कुछ सीखने का प्रयास करते हैं

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  10. kuch mere sath bhi kabhi ghata tha
    par manta hu ki yade waqt ki gulam nahi hote

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  11. बहुत खूब सर यह कहानी दिल को छू गई आपको दिल से शुक्रिया।

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  12. Accha hai sir but jo chaiye wo mila nahi

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  13. प्रणाम अग्रज🙏...
    हाँ अग्रज मैंने इसलिए लिखा कि आप भी माँ भारती के सुपुत्र है।
    ...आपके ख्याल और हकीकत के इस कहानी में खोया हुआ पढ़ता रहा-पढ़ता रहा,- बहुत विचार करने के बाद भी इस पर कुछ कह ना पाया-शायद हर बार कुछ कहना भी नही चाहिए...मैं खुद को आपकी ये कहानी पढ़ कर सुनाते हुए बस यूं ही मुस्कुरा कर देख रहा था,बिल्कुल आप जैसा तो नही-पर हाँ देख जरूर रहा था ---वो "हेलो-की आवाज पर आपका मुड़ जाना,
    साईकल के साथ आप दोंनो की कालेज कैम्पस तक पैदल जाना,
    थोड़ी-थोड़ी बाते होना,
    वो क्लास के बाहर दोनों का एक दूसरे को देखकर स्वाभाविक ही मुस्कुराना,
    आपका मेन गेट तक बिना पलक झपकाए यूं ही देखते रह जाना,
    ....... बहुत दिन गुजर जाने और बहुत कुछ बदल जाने पर भी एक तस्वीर का आपके जेहन में उतर जाना,
    फिर अचानक वही 'हेलो' और आपका सुनते रह जाना,
    आपके सवाल पूछने पर फोन के दूसरी तरफ सहम जाना___जैसे सारे सीन पॉज और प्ले मेरी आँखों के सामने ही हो रहे हो.....हहह.......थोड़े ही सही आपके दिलों की कुछ यात्रा मैंने भी की🙏बहुत ही बढ़िया थी

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