Wednesday, December 23, 2020

यदि भगीरथ में यह गुण न होता.. तो माँ गंगा कैसे आ पातीं।। Best Motivation : Life Changing

आइये स्वागत है ..
जुड़े रहें..


हम सब के चारों तरफ जो प्रकृति है..जो नेचर है ..ये हम सब को सही तरीके से जीवन जीने के लिए कई संदेश रखती है। अब ये हम पर निर्भर करता है कि हम इससे क्या ले सकते हैं और आज मैं प्रकृति के अनेकों गुणों में से..जिस गुण को ले करके आपसे बात करना चाहता हूँ...वो हम सब को जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए..

प्रकृति का हर अंग हमारे लिए संदेश रखता है..जैसे नदियाँ..हमें हमेशा चलते रहना सिखाती हैं..
ये विशाल पर्वत, ये विशाल धरती..जो हम सब को थामे हुये है..ये हमें विशाल हृदय का होना सिखाती है।
इसी तरह से प्रकृति का एक गुण सब्र होता है|
 

सूरज को देखिये,तुरंत उगता है क्या?
..चाँद को देखिये..तुरंत आता है क्या ?
दिन- रात क्या कभी भी हो जाते हैं..
क्या मौसम तुरंत परिवर्तित हो जाता है ?
इन सब में एक समय रहता है..
इसीलिए हम स्वस्थ रहते हैं| 

सोचिये, यदि ये कैसे भी हो जाए

कभी भी हो जाए

तुरंत हो जाए..
तो हमारी क्या हालत हो..
जोरों की गर्मी पड़ रही हो... 
और तुरंत ठंड हो जाए ..
तो हमारी कैसी हालत हो जाती है ..  प्रकृति इससे हमारे लिए एक बड़ा संदेश निकाल करके देती है..वो है अपने भीतर सब्र रखना..
बड़े काम..महान काम..बेहतरीन चीजें धीरे -धीरे होती हैं ..
उसमे थोड़ा समय लगता है और वो समय...
हमें उस विषय को..
और गहरायी से समझने का अवसर देता है..
हमें बेहतर करता है.. हमें तराशता है..
पहले, जो ऋषि- मुनी होते थे..
एक वरदान के लिए हजारों वर्ष तपस्या करते थे और ईश्वर हजारों वर्ष की उनकी तपस्या को देख करके..
उसके बाद वो उनके सामने प्रकट होते थे..
और वो वरदान देते थे..अगर उनमे सब्र नहीं होता तो कैसे होता ,
अगर भगीरथ में सब्र नहीं होता तो गंगा कैसे आ पाती ,कैसे हम सब तिरते 

हर  बेहतरीन चीजों में, हर महान कामों में, थोड़ा समय लगता है|

अपने भीतर धीरज रखिए.. 
अपने भीतर सब्र रखिए,

धैर्य रखिए,चीजें  जरूर बेहतर होंगी..
आप अपना काम बेहतर तरीके से करते रहें..
आप अपने काम को पूरे ज़िम्मेदारी से करते रहें..

आप चाहे कोई तैयारी कर रहे हों,
किसी व्यवसाय में हों..
जिसमें भी हों..
उतार चढ़ाव जीवन के हिस्से है..वो आते रहेंगे|

बस, आप को अपना काम ज़िम्मेदारी से करते रहना है |
जो चुनौतियां आयें...
उनका सही तरीके से, समझदारी से, सामना करते रहना है| ईश्वर आपको खाली हाथ नहीं जाने देगा | वो कहते भी तो हैं न..कि सब्र का फल मीठा होता है|
तो बस..थोड़ा सब्र करिए

परेशान होने से कुछ भी नहीं होगा |

सब कुछ मिलेगा..
देर से नहीं...
समय से ही मिलेगा |
बस, आप अपने काम पर लगे रहिए ..
प्रकृति के काम करने के इस तरीके को जीवन में अपनाना ही चाहिए |
ये हमारे जीवन को सही तरीके से जीने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे |
इसलिए धीरज रखिए ,
प्रकृति के  इस तरीके को अपनाइये..
सफलता जरूर मिलेगी..
धन्यवाद , फिर मिलेंगे|